महर्षि दयानन्द की विशेषताएँ
महर्षि दयानन्द का व्यक्तित्व अत्यंत विशाल था। वे अनेकानेक विशेषताओं के धनी थे। उनके जीवन दर्शन और विचारों से उनकी विशेषताएँ प्रतिबिम्बित होती हैं।
महर्षि दयानन्द का व्यक्तित्व अत्यंत विशाल था। वे अनेकानेक विशेषताओं के धनी थे। उनके जीवन दर्शन और विचारों से उनकी विशेषताएँ प्रतिबिम्बित होती हैं।
संन्यासी होने के कारण वे कभी लम्बे समय तक एक स्थान पर नहीं रहे
मैं सदा एक स्थान पर नहीं रहता हूं इसलिए उसी पते से पत्र भेजना अच्छा होगा। यद्यपि काम की अधिकता के कारण मुझे अवकाश नहीं मिलता है, तो भी आप जैसे सत्यधर्म की उन्नति के बढ़ाने में प्रवृत्त तन-मन-धन से सबकी भलाई में कमर बांधे हुए, सत्यधर्म की उन्नति, और सब मनुष्यों को प्रेम करने में दृढ़ उत्साह से युक्त सज्जनों की इच्छा को पूर्ण करने के लिए हमने अवश्य समय निकाल लिया है।
(पत्र व्यवहार)
